Könyv आम के पेड़ का श्राप नाहर सिंह

आम के पेड़ का श्राप

Nyelv: Hindi
Kötés: Puha kötésű
Elérhetőség: Várható készletfeltöltés
Küldés 12. 07. 2026
11 232 Ft
प्रिय पाठकों,हर कहानी केवल मनोरंजन के लिए नहीं लिखी जाती। कुछ कहानियाँ हमारे भीतर छिपे उन प्रश्नों क...

Információk a könyvről

Nyelv
Hindi
Kötés
Könyv - Puha kötésű
Kiadva
2026
oldal
710
EAN
9798235427556
Enbook ID
53219693
Súly
693
Méretek
127 x 203 x 40

Teljes leírás

प्रिय पाठकों,

हर कहानी केवल मनोरंजन के लिए नहीं लिखी जाती। कुछ कहानियाँ हमारे भीतर छिपे उन प्रश्नों को जगाती हैं जिनका उत्तर हम वर्षों तक खोजते रहते हैं। कुछ कहानियाँ हमें भय का अनुभव कराती हैं, तो कुछ हमें यह सिखाती हैं कि वास्तविक भय किसी अदृश्य शक्ति में नहीं, बल्कि मनुष्य के अपने कर्मों में छिपा होता है।

"आम के पेड़ का श्राप" ऐसी ही एक काल्पनिक कथा है। यह रहस्य, रोमांच, भावनाओं और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का एक संगम है। इस उपन्यास में आपको रहस्यमयी घटनाएँ, अलौकिक अनुभव, अनसुलझे रहस्य, साहस, विश्वास, मित्रता, विश्वासघात और न्याय की एक ऐसी यात्रा मिलेगी, जो आरम्भ से अंत तक आपको अपने साथ बाँधे रखेगी।

इस कहानी का केंद्र एक साधारण-सा प्रतीत होने वाला गाँव है, जहाँ वर्षों से खड़ा एक प्राचीन आम का वृक्ष लोगों के लिए भय का प्रतीक बन चुका है। उसके चारों ओर फैली हुई किंवदंतियाँ, अधूरी स्मृतियाँ और अतीत में छिपे रहस्य धीरे-धीरे एक ऐसी सच्चाई का द्वार खोलते हैं, जो केवल एक व्यक्ति या एक परिवार तक सीमित नहीं रहती, बल्कि पूरे समाज के सामने यह प्रश्न खड़ा करती है कि जब अन्याय के विरुद्ध कोई आवाज़ नहीं उठती, तब उसका मूल्य कौन चुकाता है।

इस उपन्यास में रहस्य और अलौकिक घटनाएँ अवश्य हैं, किन्तु इसका वास्तविक उद्देश्य केवल भय उत्पन्न करना नहीं है। यह कथा हमें याद दिलाती है कि लालच, झूठ, अन्याय, मौन और स्वार्थ कभी भी स्थायी विजय नहीं दिला सकते। सत्य देर से सामने आ सकता है, परन्तु उसे सदा के लिए दबाया नहीं जा सकता। जब कोई समाज अपने कर्तव्यों को भूल जाता है और अन्याय को सहन करने लगता है, तब उसके परिणाम केवल वर्तमान तक सीमित नहीं रहते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी प्रभावित कर सकते हैं।

इस कहानी के प्रत्येक पात्र का अपना संघर्