Könyv राधे कृष्ण सत्संग कीर्तन Anna Krish

राधे कृष्ण सत्संग कीर्तन

५० मौलिक सत्संग गीत

Szerző: Anna Krish
Nyelv: Angol
Kötés: Puha kötésű
Elérhetőség: Várható készletfeltöltés
Küldés 30. 09. 2026
4 922 Ft
सत्संग की टेक-और-उत्तर शैली में रचे पचास मौलिक कीर्तन, जो साथ मिलकर गाने के लिए लिखे गए हैं।एक स्वर...

Információk a könyvről

Szerző
Nyelv
Angol
Kötés
Könyv - Puha kötésű
Kiadva
2026
oldal
306
EAN
9798176120608
Enbook ID
54028769
Súly
358
Méretek
140 x 216 x 16

Teljes leírás

सत्संग की टेक-और-उत्तर शैली में रचे पचास मौलिक कीर्तन, जो साथ मिलकर गाने के लिए लिखे गए हैं।

एक स्वर पद उठाता है और सब मिलकर टेक से उत्तर देते हैं। हर कीर्तन में एक सरल टेक है जिसे पूरी मंडली पहली ही बार में पकड़ ले, और उसके साथ दस या ग्यारह नए पद। हर पद के बाद टेक छपी है, इसलिए गाते समय बार-बार पन्ना पलटना नहीं पड़ता।

ढोलक और करताल की थाप, वृंदावन और यमुना, होली, सावन और बसंत का मेला, भोर की प्रभाती और साँझ का सत्संग, और सबके मंगल की प्रार्थनाएँ, इन सबके कीर्तन इसमें हैं।

इस पुस्तक में:
- पचास अलग-अलग मौलिक कीर्तन, सब इसी संग्रह के लिए नए रचे गए
- हर कीर्तन में सरल टेक और क्रमांकित पद
- देवनागरी लिपि में स्पष्ट अक्षरों में छपे तीन पृष्ठ प्रति कीर्तन

इन्हें सत्संग में, घर पर परिवार और मित्रों के साथ, या अकेले किसी शांत क्षण में गाइए। संगीत की शिक्षा नहीं, बस खुला कंठ और सच्चा भाव चाहिए।

जय राधे, जय श्याम।