Könyv Apradhi (अपराधी) Acharya Chatursen

Apradhi (अपराधी)

Nyelv: Hindi
Kötés: Puha kötésű
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आचार्य चतुरसेन शास्त्री का उपन्यास 'अपराधी' उनके सामाजिक उपन्यासों की श्रेणी में एक अत्यंत महत्वपूर्...

Információk a könyvről

Nyelv
Hindi
Kötés
Könyv - Puha kötésű
Kiadva
2026
oldal
178
EAN
9789379384454
ISBN
9379384459
Enbook ID
53190166
Súly
215
Méretek
140 x 216 x 10

Teljes leírás

आचार्य चतुरसेन शास्त्री का उपन्यास 'अपराधी' उनके सामाजिक उपन्यासों की श्रेणी में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और विचारोत्तेजक कृति है। यह पुस्तक समाज द्वारा तय किए गए 'अपराध' और 'न्याय' के मापदंडों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
इस उपन्यास में चतुरसेन जी ने यह दिखाने का प्रयास किया है कि कोई व्यक्ति जन्म से अपराधी नहीं होता, बल्कि समाज की विषमताएँ, परिस्थितियाँ और व्यवस्था का अन्याय उसे अपराध की राह पर धकेल देते हैं। लेखक ने बहुत सूक्ष्मता से इस बात को उभारा है कि जिसे समाज 'अपराधी' कहकर तिरस्कृत करता है, वह अक्सर स्वयं व्यवस्था के दोषों का शिकार होता है।
प्रमुख विशेषताएँ
• सामाजिक मनोवैज्ञानिक विश्लेषणः लेखक ने अपराधी की मानसिक स्थिति और उसके पीछे के सामाजिक कारणों का गहराई से अन्वेषण किया है। यह उपन्यास केवल घटनाप्रधान न होकर मनोवैज्ञानिक अधिक है।
• न्याय व्यवस्था पर प्रहारः चतुरसेन जी ने इसमें दिखाया है कि कानून की आँखें अक्सर गरीब और मजबूर के लिए अलग और रसूखदारों के लिए अलग क्यों हो जाती हैं।
• यथार्थवादी चित्रणः शास्त्री जी की लेखनी की धार यहाँ बहुत पैनी है। उन्होंने जेल के भीतर के जीवन और बाहर के समाज के पाखंड को पूरी नग्नता के साथ प्रस्तुत किया है।
'अपराधी' एक ऐसी रचना है जो पाठक को सहानुभूति और आत्म-चिंतन की ओर ले जाती है। यह हमें सोचने पर विवश करती है कि क्या वास्तविक अपराधी वह है जो कानून तोड़ता है, या वह समाज जो उसे ऐसा करने पर मजबूर करता है? आचार्य चतुरसेन की ओजस्वी भाषा और विषय की गंभीरता इस उपन्यास को हिंदी साहित्य की एक अनिवार्य कृति बनाती है। सामाजिक विसंगतियों को समझने की दृष्टि से यह एक बेजोड़ उपन्यास है।