Könyv Chandrakanta Devaki Nandan Khatri

Chandrakanta

Nyelv: Hindi
Kötés: Kemény kötésű
Kiadó: CLASSY PUB
Elérhetőség: Beszállítói készleten
Küldés 14-21 napon belül
14 895 Ft
किसी तरह किसी की लौ तभी तक लगी रहती है जब तक कोई दूसरा आदमी किसी तरह की चोट उसके दिमाग पर न दे और उस...

Információk a könyvről

Nyelv
Hindi
Kötés
Könyv - Kemény kötésű
Kiadva
2023
oldal
270
EAN
9789394780286
ISBN
9394780289
Enbook ID
43276525
Kiadó
Súly
490
Méretek
140 x 216 x 19

Teljes leírás

किसी तरह किसी की लौ तभी तक लगी रहती है जब तक कोई दूसरा आदमी किसी तरह की चोट उसके दिमाग पर न दे और उसके ध्यान को छेड़ कर न बिगाड़े, इसीलिए योगियों को एकांत में बैठना कहा है। कुँवर वीरेंद्र सिंह और कुमारी चन्द्रकांता की मुहब्बत बाज़ारू न थी, वे दोनों एक रूप हो रहे थे, दिल ही दिल में अपनी जुदाई का सदमा एक ने दूसरे से कहा और दोनों समझ गए मगर किसी पास वाले को मालूम न हुआ, क्यूंकि ज़ुबान दोनों की बंद थी। -देवकीनन्दन खत्री

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