Könyv Thahaka Express (ठहाका एक्सप्रेस) 'Bedhadak' Mahesh Garg

Thahaka Express (ठहाका एक्सप्रेस)

Nyelv: Hindi
Kötés: Puha kötésű
Elérhetőség: Beszállítói készleten
Küldés 9-15 napon belül
5 739 Ft
महेश गर्ग बेधड़क की पुस्तक ठहाका एक्सप्रेस की कविताएं पढ़ी। पुस्तक के नाम में एक्सप्रेस होना लाजमी ह...

Információk a könyvről

Nyelv
Hindi
Kötés
Könyv - Puha kötésű
Kiadva
2026
oldal
110
EAN
9789351655855
ISBN
9351655857
Enbook ID
51326480
Súly
138
Méretek
140 x 216 x 7

Teljes leírás

महेश गर्ग बेधड़क की पुस्तक ठहाका एक्सप्रेस की कविताएं पढ़ी। पुस्तक के नाम में एक्सप्रेस होना लाजमी है क्योंकि कवि रेल मन्त्रालय में वरिष्ठ अधिकारी हैं अतः विभाग के प्रति भी फर्ज चुकाया जाना चाहिए।
इस पुस्तक में पाठक को हर तेवर की बेहतरीन कविताएं पढ़ने को मिलेंगी। राजनीति पर कटाक्ष करते हुए कवि बेधड़क, बेधड़क होकर सपाट शब्दों में कहता है :
चाहे सरकार सन्ता की हो या बन्ता की जिन्दगी तो एक सी रहेगी जनता की।
इसके इलावा इतने ही सटीक शब्दों में कवि कहता है कि :
"मौलिक अधिकारों की सूची में जोड़ दो तीन और अधिकार गरीबी, बेरराजगारी और भ्रष्टाचार"।

Azok a vásárlók, akik ezt a könyvet megvásárolták, a következőket is megvásárolták

Elisa

Ricardo Conde Martínez
4 597 Ft

NADA ES COMO TU NOMBRE

PRADES VILLANUEVA
5 712 Ft